अब अगर आओ तो जाने के लिए मत आना
Posted by dhruvpatel411(Nothing is impossible) | | Wednesday, November 11, 2009at 8:40 AM |
अब अगर आओ तो जाने के लिए मत आना
सिर्फ अहसान जताने के लिए मत आना
मैंने पलकों पे तमन्नाएँ सजा रखी हैं
दिल में उम्मीद की सौ शम्मे जला रखी हैं
ये हँसीं शम्मे बुझाने के लिए मत आना
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